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| कितना अजब संग्राम है हर क्षण पराजय हो रही पर जीतने का नाम है इस जन्म की सौगन्ध हम जल की सतह पर सिल गए कुछ दर्द की गरिमा बढ़े | |
Thursday, May 7, 2009
कितना अजब संग्राम है
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| कितना अजब संग्राम है हर क्षण पराजय हो रही पर जीतने का नाम है इस जन्म की सौगन्ध हम जल की सतह पर सिल गए कुछ दर्द की गरिमा बढ़े | |
Behad sundar rachnaa hai...isee virodhabhaas kaa naam jeeven hai, haina?
ReplyDeletesnhe aur aadar sahit
shama
nice very nice...
ReplyDeleteबहुत सुन्दर रचना.
ReplyDeleteचिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.......भविष्य के लिये ढेर सारी शुभकामनायें.
गुलमोहर का फूल
स्वागत है...शुभकामनायें.
ReplyDeleteहिंदी ब्लॉग की दुनिया में आपका तहेदिल से स्वागत है....
ReplyDeletenarayan narayan narayan
ReplyDeleteबहुत सुन्दर लिखा है। बधाई स्वीकारें। मेरे ब्लोग पर आने की जहमत उठाएं। शुभकामनाएं।
ReplyDeleteबहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
ReplyDeletebahut hi achhi post k liye badhai.........
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